कटनी जिले के गांवों में आबादी भूखंडों पर वर्षों से रह रहे परिवारों को अपनी संपत्ति का पंजीकृत अधिकार अभिलेख पाने का अवसर मिलेगा। जिले में 17 सितंबर से शुरू योजना के दायरे में करीब 1 लाख 5 हजार निजी संपत्तियां रखी गई हैं।

कलेक्टर आशीष तिवारी के अनुसार पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका पूरा खर्च राज्य शासन वहन करेगा।

तीन चरणों में पंचायत स्तर पर शिविर

ग्राम और पंचायत स्तर के विशेष शिविरों का पहला चरण 17 से 19 सितंबर और दूसरा चरण 24 से 26 सितंबर निर्धारित किया गया। तीसरे चरण के शिविर 1 से 3 अक्टूबर तक लगेंगे तथा संबंधित पंचायतें हितग्राहियों को इसकी सूचना देंगी।

आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और आवेदक की समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य है। आवेदन और अभिलेख निष्पादन की प्रक्रिया ‘सारा’ एप से होगी, जबकि विलेख का पंजीयन ‘संपदा’ एप पर किया जाएगा।

मोबाइल पर मिलेगा पंजीकृत विलेख

योजना में पटवारी को निष्पादन अधिकारी बनाया गया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ और एडीईओ पंजीयन अधिकारी के रूप में स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी करेंगे।

पंजीयन के बाद विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। यह दस्तावेज शासकीय कार्यों में उपयोगी होगा और पात्रता तथा बैंकिंग नियमों के अधीन गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि या अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण लेने में भी काम आ सकता है।