खेतों की मेड़ से सपनों की राह, मेहनत से मिलती है मंज़िल की चाह मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का असर अब गांव-गांव दिखाई दे रहा है।
शासन की कस्टम हायरिंग योजना ने किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता आसान बनाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार किए हैं। छिंदवाड़ा जिले के ग्राम रामगढ़ी की श्रीमती शशि रघुवंशी की सफलता इसी बदलाव की प्रेरणादायक कहानी है, जहां शासन की योजना, परिवार के सहयोग और कृषि के प्रति समर्पण ने मिलकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की।
वर्ष 2022-23 में श्रीमती शशि रघुवंशी ने कृषि अभियांत्रिकी विभाग की निजी कस्टम हायरिंग योजना का लाभ प्राप्त किया। लगभग 24 लाख 94 हजार 500 रुपये की परियोजना लागत पर उन्हें 9 लाख 11 हजार रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। योजना के माध्यम से उन्होंने दो ट्रैक्टर, स्ट्रॉ रीपर, रोटावेटर, प्लाऊ एवं कल्टीवेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे और ग्राम रामगढ़ी में कस्टम हायरिंग केन्द्र की शुरुआत की।
संयुक्त परिवार के सदस्यों के सहयोग से केन्द्र का संचालन व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा। परिवार की सामूहिक मेहनत और जिम्मेदारियों के बेहतर प्रबंधन से कृषि यंत्रों का उपयोग अपने खेतों के साथ-साथ आसपास के किसानों को किराए पर उपलब्ध कराने में किया जाने लगा। इससे क्षेत्र के किसानों को खेती के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आधुनिक मशीनें समय पर और उचित दरों पर उपलब्ध होने लगीं।
"सपनों को जब परिवार का साथ मिलता है, तो मेहनत की राह पर सफलता के नए आयाम बनते हैं।" कस्टम हायरिंग केन्द्र से प्राप्त आय को श्रीमती शशि रघुवंशी ने केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए इसका उपयोग किया। इसी क्रम में दो सुपर सीडर भी खरीदे गए।
इससे क्षेत्र में नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा मिला और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली। इस तरह कस्टम हायरिंग केन्द्र किसानों की सुविधा के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगा। आज ग्राम रामगढ़ी और आसपास के गांवों के किसानों के लिए यह केन्द्र आधुनिक कृषि यंत्रों की भरोसेमंद सुविधा बन चुका है।
केन्द्र के संचालन से दो ट्रैक्टर चालकों को नियमित रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि श्रीमती शशि रघुवंशी को प्रतिवर्ष लगभग 6 से 7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि को आय के एक सशक्त माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। श्रीमती शशि रघुवंशी की इस सफलता में परिवार की सामूहिक भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।
संयुक्त परिवार के रूप में कृषि और कस्टम हायरिंग केन्द्र से जुड़े कार्यों को मिल-जुलकर संभालने से केन्द्र का संचालन निरंतर बेहतर हुआ। परिवार के सहयोग ने श्रीमती शशि रघुवंशी के प्रयासों को मजबूती दी और उन्हें कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला। उनकी सफलता को विभागीय स्तर पर भी सराहा गया।
12 सितंबर 2026 को किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक श्री उमाशंकर भार्गव ने ग्राम रामगढ़ी स्थित कस्टम हायरिंग केन्द्र का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।
संचालक ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को आवश्यकता के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्र उचित दरों पर उपलब्ध कराने में कस्टम हायरिंग केन्द्र की भूमिका पर चर्चा की और कृषि यंत्रों के अधिकतम उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ द्वारा केन्द्र के सुदृढ़ीकरण एवं भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
सहायक कृषि यंत्री श्री अश्विनी सिंह ने भी कृषि उन्नतिकरण में कस्टम हायरिंग केन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए किसानों को क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। श्रीमती शशि रघुवंशी का कहना है कि कस्टम हायरिंग केन्द्र योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने, आय का नया स्रोत तैयार करने और आसपास के किसानों की खेती में सहयोग करने का अवसर दिया है।
परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग से इस कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली और आज यह केन्द्र किसानों की सेवा का माध्यम बन गया है।
