मंत्रालय के मंच पर संबल की तालिका साफ है। 16 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक हैं, उनकी मेहनत विकास की बुनियाद है। उसी कार्यक्रम में 55 जिलों के 7,227 संबल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता गई। वेतन इसे उसी दिन की पर्ची मानता है। यह मजदूरी नहीं, कठिन समय की सहायता है।

विज्ञप्ति उस दिन का ब्योरा देती है। सामान्य मृत्यु पर दो लाख—6,390 हितग्राही। दुर्घटना मृत्यु पर चार लाख—790। आंशिक स्थायी अपंगता पर एक लाख—34। स्थायी अपंगता पर दो लाख—13। जोड़ 7,227। श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल अमरकंटक से वर्चुअल जुड़े। उन्होंने कहा, इस सरकार के कार्यकाल में यह सातवीं बार राशि जा रही है। संबल में 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत; संबल 2.0 में 43 लाख। दावा: किसी भी संबल प्रकरण में 60 दिन के भीतर भुगतान। यह विभाग का वाक्य है, हर जिले की फाइल यहाँ नहीं खुली।

गिग कार्ड और पुरानी योजना अलग पंक्तियाँ हैं

मुख्यमंत्री ने कहा, 1 मार्च 2024 से गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों को असंगठित श्रमिक का दर्जा मिला और संबल में जगह दी गई। अब तक 1,400 से अधिक गिग वर्कर पंजीकृत हैं। 2018 से अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7,383 करोड़ की सहायता लिखी गई। 25 लाख से अधिक नए ई-श्रम परिवारों को राशन पात्रता, गर्भवती बहनों को 16 हजार, आयुष्मान पर पाँच लाख तक इलाज—ये वाक्य योजना के दायरे के हैं। उस शाम का चित्र मंच का है, किसी एक खाते की स्क्रीन नहीं।

मुख्य बातें

  • उस दिन: सामान्य मृत्यु 6,390, दुर्घटना मृत्यु 790, आंशिक अपंगता 34, स्थायी अपंगता 13। जोड़ 7,227।
  • श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल अमरकंटक से जुड़े: इस कार्यकाल की सातवीं अंतरण; संबल में 1.83 करोड़ से अधिक पंजीयन, संबल 2.0 में 43 लाख; दावा—60 दिन में भुगतान।
  • 2018 से अब तक 7.76 लाख प्रकरण, 7,383 करोड़; 25 लाख से अधिक नए ई-श्रम परिवारों को राशन पात्रता का वाक्य अलग आँकड़ा है।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक… ↗16 दिसंबर 2025

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।

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