फीचर स्कोरबोर्ड नहीं। युवराज खिवनी का। जन्म के दो वर्ष बाद पर्यटकों को दिखने लगा। वयस्क अवस्था में राधा और मीरा। कुनबा बढ़ाने में “विशेष योगदान”—विज्ञप्ति का वाक्य, शावकों की गिनती नहीं।

जून के तीसरे सप्ताह के अंत में टेरीटरी में युवा बाघ। लड़ाई। अत्यंत घायल। 27 जून, विपरीत परिस्थितियाँ, वन विहार भोपाल की टीम। छह दिन बाद परीक्षण।

जो एक्स-रे ने लिखा

आगे दोनों पैरों और बाएँ पिछले पैर में गहरे घाव। एक्स-रे: आगे दोनों पंजों में फ्रैक्चर। बाएँ पिछले पर छह टाँके। सतत उपचार। लगभग एक महीने बाद गुणात्मक सुधार परिलक्षित—छोड़ने की तारीख नहीं।

चित्र 28 जुलाई के पन्ने का है। सुर्खी इसे बाघ-गणना की कथा नहीं बनाती।

मुख्य बातें

  • रेस्क्यू 27 जून है, 28 जुलाई का पन्ना उसकी कथा है।
  • फ्रैक्चर आगे के दोनों पंजों का है।
  • गुणात्मक सुधार एक महीने की पंक्ति है, जंगल वापसी नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · युवराज बाघ का खिवनी अभ्यारण से वन विहार तक का सफर ↗28 जुलाई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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